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पेपर-II : भारत का संवैधानिक विधि-II — Complete Exam Guide 2026
(अनुच्छेद 245–395)

पेपर-II : भारत का संवैधानिक विधि-II — Complete Exam Guide 2026 (अनुच्छेद 245–395)

Pramod Pramod

1. ⭐🔥🎯 संघ और राज्यों के मध्य **विधायी संबंध** (Art. 245-255) — तीन सूचियाँ; आनुषंगिक सिद्धांत; संसद की राज्य-सूची पर विधि बनाने की शक्ति (Art. 249-252)। *(2025 में प्रशासनिक संबंध आया → 2026 में विधायी संबंध की प्रबल संभावना)* 2. 🔥 संघ-राज्य **प्रशासनिक संबंध** (Art. 256-263)। *(2025)* 3. ⭐🎯 संघ-राज्य **वित्तीय संबंध** (Art. 264-293); उधार लेने की शक्ति (Art. 292-293)। *(2025)* 4. ⭐🔥🎯 **आपातकालीन प्रावधान** — राष्ट्रीय आपात (352), राष्ट्रपति शासन (356), वित्तीय आपात (360); प्रभाव; S.R. Bommai। *(2025 में नहीं आया → 2026 का सबसे बड़ा दावेदार)*

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केंद्र-राज्य संबंध एवं आपातकालीन उपबंध : भारतीय संविधान का संघीय ढाँचा एवं संकटकालीन तंत्र

केंद्र-राज्य संबंध एवं आपातकालीन उपबंध : भारतीय संविधान का संघीय ढाँचा एवं संकटकालीन तंत्र

Pramod Pramod

भारतीय संविधान एक **अर्ध-संघीय (quasi-federal)** ढाँचा स्थापित करता है, जिसमें शांतिकाल में संघ व राज्यों के बीच शक्तियों का वितरण होता है, परंतु संकट के समय संविधान स्वयं को **एकात्मक ढाँचे** में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है। भाग XI (अनुच्छेद 245-263) विधायी, प्रशासनिक व वित्तीय संबंधों की रूपरेखा देता है; भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) आर्थिक एकता सुनिश्चित करता है; भाग XIV (308-323) लोक सेवाओं की सुरक्षा करता है; भाग XVIII (352-360) आपातकालीन शक्तियों का प्रावधान करता है; और अनुच्छेद 368 संविधान की जीवंतता बनाए रखने हेतु संशोधन-प्रक्रिया देता है, जिसे केशवानंद भारती के **मूल ढाँचा सिद्धांत** ने सीमाबद्ध किया। प्रस्तुत असाइनमेंट में इन सभी विषयों का क्रमबद्ध, केस-आधारित विश्लेषण प्रस्तुत है।

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